होम | क्रिकेट | पाकिस्तान के खिलाफ हैट्रिक लेने वाले इस गेंदबाज की मची थी धूम, अब है टीम इंडिया से बाहर j itendra kashyap की रिपोर्ट , अंतिम अपडेट: गुरुवार अक्टूबर 27, 2016 04:21 PM IST इरफान पठान (फाइल फोटो) खास बातें एक समय कपिल के स्तर के हरफनमौला माने जा रहे थे इरफान टी20 वर्ल्डकप विजेता टीम इंडिया के सदस्य रहे हैं 'जूनियर पठान' गेंद को दोनों ओर स्विंग कराते हैं, अच्छी बैटिंग भी कर लेते हैं क्रिकेट का खेल कितना अनिश्चितता से भरा हैं, इरफान पठान को देखकर समझा जा सकता है. वडोदरा के इस क्रिकेटर को एक समय महान कपिल देव के स्तर का ऑलराउंडर माना जा रहा है. अपने करियर के शुरुआती दौर में ही उन्होंने अपने प्रदर्शन से बड़ा क्रिकेटर बनने की चमक दिखाई थी. पाकिस्तान के खिलाफ वहीं के मैदान में हैट्रिक लेना कोई हंसी खेल नहीं है, लेकिन घुंघराले बाल वाले इरफान ने इसे वर्ष 2006 में कराची के मैदान पर अंजाम दिया था. उनके शिकार भी पुछल्ले बल्लेबाज नहीं बल्कि टॉप आर्डर के सलमान बट, यूनुस खान और मो. यूसुफ थे. इरफान का ...
एडमिशन के लिए ऑरिजनल डॉक्यूमेंट्स होना जरूरी: दिल्ली हाईकोर्ट allindianews12.blogspot.com दिल्ली उच्च न्यायालय ने कहा है कि किसी प्रवेश परीक्षा में रैंक पाने वाले विद्यार्थी अगर प्रवेश के लिए काउंसलिंग के समय जरूरी दस्तावेज जमा नहीं कर पाते तो वह दाखिला नहीं देने पर विश्वविद्यालय को जिम्मेदार नहीं ठहरा सकते. न्यायमूर्ति संजीव सचदेवा ने कहा, ‘‘चूंकि याचिकाकर्ता अधिसूचना के अनुसार मूल दस्तावेजों के साथ काउंसलिंग में नहीं आ सके, इसलिए उन्हें प्रवेश नहीं देने तथा बाद की तारीख में दी गयी डिग्री पर विचार नहीं करने की प्रतिवादी विश्वविद्यालय की कार्रवाई को गलत नहीं बताया जा सकता.’’ अदालत ने छात्र भीम शंकर ठाकुर की याचिका खारिज करते हुए यह टिप्पणी की. ठाकुर ने आग्रह किया था कि दिल्ली विश्वविद्यालय (डीयू) को उनकी डिग्री को स्वीकार करने तथा 2016-17 के सत्र में एलएलबी पाठ्यक्रम में दाखिला देने का निर्देश दिया जाए. ठाकुर एलएलबी प्रवेश परीक्षा में शामिल हुए थे और उन्हें ओबीसी श्रेणी में 767 रैंक प्राप्त हुई थी. रैंक के अनुसार उन्हें 22 अगस्त को काउंसलिंग के लिए बुलाया गया लेक...
मोदी सरकार का बड़ा फैसला, सर्जिकल स्ट्राइक के सबूत नहीं किए जाएंगे नई दिल्ली, 12 अक्टूबर 2016 मोदी सरकार में शामिल वरिष्ठ मंत्रियों ने लिया फैसला(फाइल फोटो) केंद्र की मोदी सरकार ने PoK में भारतीय सेना द्वारा अंजाम दिए गए सर्जिकल स्ट्राइक से जुड़े किसी भी सबूत को जारी ना करने का फैसला किया है. सरकार का मानना है कि सबूत सामने आने से पाकिस्तानी सेना की मुश्किलें बढ़ सकती हैं. लेकिन सरकार ऐसा नहीं करना चाहती. संबंधित खबरें विजयदशमी पर पीएम मोदी ने पाकिस्तान पर बोला हमला, कहा- कभी-कभी युद्ध अनिवार्य हो जाता है 'वाजपेयी ने 1999 में LoC पार करने से रोका' संसद पर हमला करना आसान नहीं: आरके सिंह अंग्रेजी अखबार 'द इंडियन एक्सप्रेस' के अनुसार, कुछ सरकारी सूत्रों ने कहा है कि 'इस वक्त भारत युद्ध करने के समर्थन में नहीं है. लेकिन अगर फिर भी युद्ध के हालात बनते हैं तो भारत लड़ने और जीतने के लिए तैयार है.' सरकारी सूत्र ने यह भी कहा कि भारत को सर्जिकल स्ट्राइक पर कूटनीतिक समर्थन भी मिला क्योंकि किसी भी देश ने हिंदुस्तान के इस कदम का विरो...
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